हिन्दुत्व तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को आतंकवाद के साथ जोड़ने के षड्यंत्र तथा इसके निमित्त चल रही दुष्प्रचार की राजनीति के विरोध में कल दि. 10 नवंबर 2010 को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के आह्वान पर देश के कोने-कोने में अभूतपूर्व धरना एवं निषेध सभाएं सम्पन्न हुईं।


चेन्नई में आयोजित निषेध सभा
बिहार एवं झारखण्ड को छोड़ कर सभी राज्यों के प्रमुख जिला केन्द्रों पर 700 से अधिक स्थानों पर 10 लाख से अधिक नागरिकों ने इन निषेध सभाओं में भाग लेकर अपना विरोध दर्ज किया है। इन सभाओं को समाज के अग्रणी संत, सामाजिक नेता तथा संघ के पदाधिकारियों ने सम्बोधित किया। समाज के सभी वर्गों के लोग, बड़ी मात्रा में महिलायें तथा मुस्लिम समुदाय भी इन निषेध सभाओं में सहभागी हुआ।

बंगलोर सभा का दृश्य
अपना विरोध दर्ज कराने के लिये संघ के समर्थन में समाज के इस विधायक प्रतिसाद पर रा. स्व. संघ के सरकार्यवाह श्री सुरेश (भैया जी) जोशी ने संतोष व्यक्त करते हुए सभी के प्रति आभार प्रदर्शित किया तथा विश्वास व्यक्त किया कि देश की जनता राष्ट्रविरोधी तत्वों के इस दुष्प्रचार से भ्रमित नहीं होगी। उन्होंने यह भी विश्वास व्यक्त किया कि जनता विभाजनकारी राजनीति का डटकर विरोध करेगी तथा देशहित में संघ को सदैव उसका समर्थन और सहकार प्राप्त होता रहेगा।
अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख
11 November 2010
Responding to the appeal of Rashtriya Swayamsevak Sangh, a large number of people participated in the peaceful ‘Dharna’ [sit-in] meetings in all districts of Bharat. The Sangh has called these protest meets to raise voice against the political conspiracy to link terror tag with Hindu society under various names like ‘Saffron terror’ etc.
More than 9 lakh people participated in the protest meets arranged at over 700 places in all states of Bharat except Bihar and Jharkhand. Many prominent saints, social workers, and RSS functionaries addressed these meetings which were attended by the entire cross section of the society including a prominent presence of women and Muslims.
The Sarkaryavah Shri. Bhaiyyaji Joshi has welcomed this very determined and positive response of people and expressed gratitude towards all who participated in these meets. He said that he is confident that the people will never be misled by the misleading propaganda, they will strongly oppose such divisive politics and shall always support the Sangh in the issues of national interest.
Dr. Manmohan Vaidya
Akhil Bharatiya Prachar Pramukh


देश के विभिन्न जिलों में आयोजित सभाओं के दृश्य
संघ की प्रान्त रचनानुसार धरना सभाओं की संख्या तथा उपस्थित नागरिक
प्रांत | स्थान | कुल संख्या |
केरल | 15 | 50200 |
द.तमिलनाडु | 19 | 10597 |
उ.तमिलनाडु | 14 | 7500 |
द.कर्नाटक | 18 | 47050 |
उ.कर्नाटक | 15 | 25450 |
प.आंध्रप्रदेश | 13 | 61270 |
पू.आंध्रप्रदेश | 11 | 19000 |
कोकण | 06 | 18400 |
प.महाराष्ट्र | 23 | 8270 |
देवगिरी | 12 | 5425 |
गुजरात | 39 | 20900 |
विदर्भ | 12 | 18060 |
मालवा | 45 | 84008 |
मध्यभारत | 65 | 35500 |
महाकौशल | 28 | 10873 |
छत्तीसगढ़ | 28 | 33899 |
चित्तौड़ | 12 | 65740 |
जयपुर | 11 | 36842 |
जोधपुर | 10 | 33400 |
दिल्ली | 05 | 30500 |
हरियाणा | 21 | 16000 |
पंजाब | 26 | 24295 |
जम्मूकश्मीर | 07 | 1600 |
हिमाचल | 14 | 18000 |
उत्तरांचल | 16 | 36000 |
मेरठ | 07 | 16600 |
ब्रज | 08 | 16000 |
कानपुर | 17 | 10000 |
अवध | 07 | 8000 |
काशी | 10 | 21000 |
गोरक्ष | 10 | 8000 |
उ.बिहार | ||
द.बिहार | ||
झारखंड़ | ||
उत्कल | 37 | 12854 |
द.बंगाल | 18 | 7835 |
उ.बंगाल | 07 | 3500 |
उ.असम | 20 | 4613 |
द.असम | 09 | 2690 |
कुल | 635 | 920871 |

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